2638 - (ق) عَنْ عُمَرَ بْنِ أَبِي سَلَمَة قَالَ: كُنْتُ غُلاَماً في حَجْرِ [1] رَسُولِ اللهِ صلّى الله عليه وسلّم، وَكانَتْ يَدِي تَطِيشُ [2] في الصَّحْفَةِ، فَقَالَ لِي رَسُولُ اللهِ صلّى الله عليه وسلّم: (يَا غُلامُ، سَمِّ الله، وَكُلْ بِيَمِيِنكَ، وَكُلْ مِمَّا يَلَيكَ) ، فَمَا زَالَتْ تِلْكَ طِعْمَتِي [3] بَعْدُ.
उमर बिन अबू सलमा (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत है, वह कहते हैं कि मैं बच्चा था और अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) की कफ़ालत (किसी कार्य, विषय या बात का लिया जाने वाला भार) में था। खाना खाते समय मेरा हाथ प्लेट के चारों तरफ घूमता था। मुझे इस तरह खाता देख अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने मुझसे कहाः "ऐ बच्चे, अल्लाह का नाम ले, अपने दाएँ हाथ से खा और अपने सामने से खा।" फिर उसके बाद मेरे खाने का यही तरीक़ा रहा।
قال تعالى: {يَاأَيُّهَا الَّذِينَ آمَنُوا كُلُوا مِنْ طَيِّبَاتِ مَا رَزَقْنَاكُمْ *}. [البقرة:172] وقال تعالى: {يَاأَيُّهَا الرُّسُلُ كُلُوا مِنَ الطَّيِّبَاتِ وَاعْمَلُوا صَالِحًا *}. [المؤمنون:51]
[خ5376/ م2022]